1857 की क्रांति (भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम)

समय
- आरंभ: 10 मई 1857
- स्थान: मेरठ से प्रारंभ
कारण (Causes of 1857 Revolt)
राजनीतिक कारण
- डालहौजी की हड़प नीति (Doctrine of Lapse)
- अवध का विलय (1856)
- भारतीय राजाओं की सत्ता समाप्त
आर्थिक कारण
- भारी लगान व्यवस्था
- भारतीय उद्योगों का विनाश
- किसानों की बदहाल स्थिति
सामाजिक-धार्मिक कारण
- सती प्रथा, विधवा विवाह सुधार
- ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ
- धार्मिक हस्तक्षेप का भय
सैन्य कारण
- भारतीय सैनिकों से भेदभाव
- कम वेतन, पदोन्नति नहीं
- चर्बीयुक्त कारतूस विवाद (गाय व सूअर की चर्बी)
प्रमुख केंद्र एवं नेता
| स्थान | नेता |
|---|---|
| मेरठ | सैनिक विद्रोह |
| दिल्ली | बहादुर शाह ज़फर |
| कानपुर | नाना साहेब |
| झाँसी | रानी लक्ष्मीबाई |
| अवध (लखनऊ) | बेगम हज़रत महल |
| बिहार (जगदीशपुर) | कुंवर सिंह |
| इलाहाबाद | लियाकत अली |
बिहार से BPSC के लिए सबसे महत्वपूर्ण:
वीर कुंवर सिंह (जगदीशपुर, भोजपुर)
विद्रोह की असफलता के कारण
- संगठित नेतृत्व का अभाव
- आधुनिक हथियारों की कमी
- सीमित क्षेत्र तक सीमित
- शिक्षित वर्ग का समर्थन नहीं
- अंग्रेजों की सैन्य शक्ति अधिक
परिणाम (Consequences)
- ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त
- भारत का शासन ब्रिटिश क्राउन के अधीन
- 1858 का भारत शासन अधिनियम
- सेना का पुनर्गठन
- रानी विक्टोरिया की घोषणा
BPSC के लिए One-Liner Facts
- 1857 की क्रांति की शुरुआत मेरठ से हुई
- अंतिम मुगल शासक: बहादुर शाह ज़फर
- बिहार में विद्रोह का नेतृत्व: कुंवर सिंह
- इसे कहा जाता है: भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम