RTI बनाम डेटा सुरक्षा: क्या भारत में पारदर्शिता का युग समाप्त हो रहा है? 5 चौंकाने वाले तथ्य
1. प्रस्तावना: एक खामोश क्रांति और उभरती चिंता भारत में वर्ष 2005 में लागू हुआ सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम केवल एक कानून नहीं था, बल्कि यह एक ‘धूप’ (sunshine law) की तरह था जिसने सरकारी कामकाज की परतों में छिपे अंधेरे को दूर करने का काम किया। इसने नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने …