चुनाव के बाद ‘गायब’ नेताओं पर लगाम: क्या है राइट टू रिकॉल का असली सच?
कल्पना कीजिए, एक उम्मीदवार चुनाव के समय आपके द्वार पर आता है, हाथ जोड़कर लोक-लुभावन वादे करता है और आपका मत हासिल कर लेता है। लेकिन जीत का प्रमाण-पत्र मिलते ही वह अगले पांच सालों के लिए परिदृश्य से ‘गायब’ हो जाता है। भारतीय राजनीति की यह कड़वी सच्चाई एक गहरे ‘प्रतिनिधित्व के संकट’ (Representational …