न्यायाधीश ही चुनते हैं न्यायाधीशों को? कॉलेजियम बनाम NJAC की वह कहानी जो आपको जाननी चाहिए
1. प्रस्तावना: एक संवैधानिक रहस्य कल्पना कीजिए एक ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था की, जहाँ न्यायाधीश ही यह तय करते हैं कि उनके साथ न्यायपीठ पर कौन बैठेगा। भारत की न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया विश्व के किसी भी अन्य लोकतंत्र की तुलना में न केवल अनूठी है, बल्कि एक संवैधानिक पहेली भी है। जिस ‘कॉलेजियम’ प्रणाली पर आज …