लक्ष्य 8: सम्मानजनक काम और आर्थिक विकास

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2015 में अपनाए गए सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals – SDGs) में लक्ष्य 8 का उद्देश्य सभी के लिए सम्मानजनक कार्य (Decent Work) और निरंतर, समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना है। यह लक्ष्य सीधे तौर पर गरीबी उन्मूलन, सामाजिक न्याय और मानव विकास से जुड़ा हुआ है, जो UPSC पाठ्यक्रम (GS Paper II एवं III) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लक्ष्य 8 का आधिकारिक उद्देश्य
“सभी के लिए निरंतर, समावेशी और सतत आर्थिक विकास, पूर्ण एवं उत्पादक रोजगार तथा सम्मानजनक कार्य को बढ़ावा देना।”
लक्ष्य 8 के प्रमुख घटक (Core Components)
1️⃣ सतत आर्थिक विकास
- प्रति व्यक्ति GDP वृद्धि
- उत्पादकता में सुधार
- नवाचार और औद्योगीकरण को प्रोत्साहन
2️⃣ पूर्ण और उत्पादक रोजगार
- युवाओं के लिए रोजगार सृजन
- महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़ाना
- अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक बनाना
3️⃣ सम्मानजनक कार्य (Decent Work)
- सुरक्षित और स्वस्थ कार्यस्थल
- उचित मजदूरी
- सामाजिक सुरक्षा
- श्रमिक अधिकारों की रक्षा
4️⃣ श्रम शोषण का अंत
- बाल श्रम उन्मूलन
- जबरन श्रम एवं मानव तस्करी पर रोक
लक्ष्य 8 के प्रमुख उप-लक्ष्य (Targets)

- 8.1 – सतत और समावेशी आर्थिक वृद्धि
- 8.3 – MSMEs और उद्यमिता को समर्थन
- 8.5 – 2030 तक पूर्ण रोजगार और समान वेतन
- 8.6 – युवाओं में बेरोजगारी कम करना
- 8.7 – बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी का अंत
- 8.8 – श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा
(UPSC उत्तरों में टार्गेट नंबर लिखना लाभदायक होता है)
भारत में लक्ष्य 8 की स्थिति (UPSC दृष्टिकोण)
भारत के सामने प्रमुख चुनौतियाँ:
- उच्च युवा बेरोजगारी
- अनौपचारिक क्षेत्र का प्रभुत्व
- कम महिला श्रम भागीदारी
- कौशल-अंतर (Skill Gap)
संबंधित सरकारी पहल:
- मेक इन इंडिया – विनिर्माण एवं रोजगार
- स्किल इंडिया मिशन – कौशल विकास
- स्टार्टअप इंडिया – उद्यमिता
- मुद्रा योजना – MSMEs को वित्त
- ई-श्रम पोर्टल – असंगठित श्रमिकों का डेटाबेस
- श्रम संहिताएँ (Labour Codes) – श्रम सुधार
लक्ष्य 8 और UPSC सिलेबस से संबंध

GS Paper II
- सामाजिक न्याय
- श्रमिक कल्याण
- सरकारी योजनाएँ
GS Paper III
- आर्थिक विकास
- रोजगार
- औद्योगिक नीति
- मानव संसाधन विकास
लक्ष्य 8 का महत्व (Value Addition)
- गरीबी उन्मूलन का आधार
- समावेशी विकास सुनिश्चित करता है
- जनसांख्यिकीय लाभ (Demographic Dividend) का उपयोग
- सामाजिक स्थिरता और आर्थिक मजबूती
लक्ष्य 8 प्राप्त करने के लिए सुझाव (Way Forward)
- शिक्षा और कौशल का एकीकरण
- हरित रोजगार (Green Jobs) को बढ़ावा
- डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार
- महिला और युवाओं के लिए लक्षित नीतियाँ
- श्रम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन
निष्कर्ष (UPSC Answer-ready)
लक्ष्य 8 सतत विकास की रीढ़ है। बिना सम्मानजनक कार्य के न तो आर्थिक विकास समावेशी हो सकता है और न ही सामाजिक न्याय संभव है। भारत के लिए लक्ष्य 8 का सफल क्रियान्वयन गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और मानव विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में निर्णायक सिद्ध होगा।